Videos games PUBG Mobile, free fire, Subway surfers, car racing खेलने के भयंकर नुकसान जानकर घायल हो जाओगे?
दोस्तों हम आपको बताने वाले हैं वीडियो गेम खेलने के भयंकर नुकसान जिन्हे जानकर आप हैरान रह जाएंगे।
दोस्तों आज कल वीडियो गेम खेलने का शौक छोटे बच्चों सहित और युवा वर्ग भी इन गेम्स से काफी ज्यादा प्रभावित हो रहा हैं। दोस्तों आज कल मां-बाप घर के काम में काफी ज्यादा busy होने के कारण अपने छोटे बच्चों के हाथों में स्मार्टफोन देकर उनको रोते हुए को वीडियो गेम खेलने में लगाकर स्वयं घर का काम करते हैं, ये बहुत गलत है।
क्योकि बच्चो को वीडियो गेम खेलने के लिए मोबाइल हाथ में देने परिणाम उनके युवा होने पर मां बाप को भोगना पड़ता हैं। इससे युवा पीढ़ी काफी ज्यादा प्रभावित हो रही हैं।
आंखो पर भी मोबाइल का काफी बुरा परिणाम देखने को मिलता हैं यही कारण है कि आजकल अधिकतर बच्चों के किशोरावस्था में ही चश्मे लग जाते हैं। वैसे चश्मे लगने के और भी बहुत से कारण हो सकते हैं।
आओ आध्यात्मिक दृष्टि से विचार करें
दोस्तों यदि हम आध्यात्मिक दृष्टि से इन पर विचार करे तो ये गेम वास्तव में काल का जाल हैं संत रामपाल जी महाराज अपने सत्संगो में बताते हैं कि जब कबीर परमात्मा इस काल के लोक में जीवो की सुध लेने के आ रहे थे तो काल ने कहा था कि तीन युगों में जीव थोड़े सतलोक ले जाना और चौथा युग कलयुग आए तो मन चाहे जितने जीव सतलोक ले जाना। कलयुग में पहले मेरे दूत जाने चाइए और बादमें आपका अंश अवतार आए। पहले काल के दूत नकली गुरु(आशाराम, धन सतगुरु तथा अन्य नकली कबीर पंथ काल दूतो द्वारा काल प्रेरणा से चले हैं) और बादमें संत रामपाल जी महाराज परमेश्वर के अवतार अपने सत्संगो में बताते हैं कि वर्तमान में काल ब्रह्म ने जीव को भक्ति से दूर करके सतलोक जाने से रोककर अपने जाल में फंसाए रखने के लिए सारे हथकंडे अपना रखे हैं। गेम्स खेलना, फिल्म देखना, सीरियल, वेब सीरीज, बॉलीवुड के अश्लील गाने, अन्य अश्लील सामग्री, पोर्नोग्राफी आदि जीव को काल जाल में फंसाकर उन्हें भक्ति से दूर करने के लिए काल प्रेरणा से ही बनाए जाते हैं।
काल कौन है: गीता अध्याय 11 श्लोक 31-34 में गीता ज्ञान बोलने वाला कह रहा है कि अर्जुन मैं काल हु अब प्रवृत्त हुआ हू सभी लोगो को खाने के लिए।
इसी काल को जब शुरू में परमात्मा ने सतलोक में सृष्टि रची उस समय काल को दुर्गा के दुर्व्यवहार करने के कारण सतपुरूष ने एक लाख मानव शरीर धारी प्राणियों को तपतशिला पर सेककर खाने का श्राप लगा हैं।
अधिक जानकारी के लिए पढ़ें:- संत रामपाल जी महाराज द्वारा लिखित पुस्तक जीने की राह, ज्ञान गंगा पढ़े।
काल भगवान कौन है? जो एक लाख मानव शरीर धारी प्राणियों को तप्तशील पर सेककर खाता है?
काल की उत्पत्ति कैसे हुई?
काल को एक लाख मानव शरीर धारी प्राणियों को खाने का श्राप क्यों दिया।
इन प्रश्नों का उत्तर जानने के लिए पढ़े:- सृष्टि रचना संत रामपाल जी महाराज।
सृष्टि रचना आपको गूगल पर आसानी से मिल जायेगी आप सर्च करके पढ़ सकते हो।

0 टिप्पणियाँ