दोस्तों जीने की राह बुक भारतीय समाज सुधारक और पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब के अवतार संत रामपाल जी महाराज द्वारा लिखित एक बहुचर्चित पुस्तक हैं।

दोस्तों ये पुस्तक संत रामपाल जी महाराज ने समाज सुधार करके मनुष्य में सत भक्ति रूपी बीज को बोना है। क्योंकि सद्भक्ति करने से ही हम मनुष्य अपने निज घर सतलोक में जा सकते हैं।

गीता अध्याय 4 श्लोक नंबर 32 में बताया है कि अर्जुन उस परमेश्वर की शरण में जा जिसकी कृपा से तू परम शांति और शाश्वत स्थान अर्थात सतलोक को प्राप्त होगा। उसके लिए तूं तत्वदर्शी संत की खोज कर और उन्हें निर्मता पूर्वक प्रणाम कर इसके बाद वे संत आपको परमात्म तत्व का उपदेश करेंगे उसे जानकर तूं संसार से पार हो जायेगा।

जीने की पुस्तक के बारे में

  • जीने की राह पुस्तक ने 24 घंटे में लगभग 2 लाख 50 हजार लोगों द्वारा इंटरनेट से डाउनलोड करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बन चुका है। 
  • जीने की राह पुस्तक में ऐसे-ऐसे प्रमाण लिखे हैं जो हर किसी की भी आत्मा को छू जाते हैं इस कारण से कोई व्यक्ति नशा करता है तो वो इस पुस्तक को पढ़ने से नशा त्याग कर सद्भक्ति की और अग्रसर होने लगता है।
  • जीने की राह पुस्तक को पढ़ने से घर में गृहक्लेश हमेशा के लिए विदा हो जाते हैं और पुत्र अपने माता-पिता की सेवा करते हैं।

तलाक और दहेज प्रथा

दोस्तों आज कल के समाज में पति-पत्नी झगड़ा होता रहता है और दहेज और तलाक जैसी समस्याएं भारत में दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है जीने की पुस्तक को पढ़ने से परिवार में आपसी राग-द्वेष समाप्त होते है।

दोस्तों एक अनुमान के मुताबिक 1960 की तुलना में वर्तमान में शादी कम और तलाक ज्यादा हो रहे हैं यदि बात करे अमेरिका और आस्ट्रेलिया की तो यहां एक शादी लगभग 12 साल तक ही चल पाती हैं।

दहेज प्रथा की बात करूं तो दोस्तों भारत में दहेज प्रथा के कारण अनगिनत बहनों की हत्या और घरेलू हिंसा का शिकार होती हैं। यदि आप दहेज प्रथा रुपी कष्ट से बचना चाहते तो जीने की राह पुस्तक को एक बार अवश्य पढ़ें।

प्यार करने वालों के लिए तोहफ़ा

दोस्तों भारत में युवा लोग की संख्या काफी ज्यादा हैं रोजाना अखबारों में हमें पढ़ने को मिलता है कि लड़के-लडकी एक दूसरे से प्यार करते थे और लड़की के मां बाप शादी के लिए तैयार नहीं थे तो लड़की ने आत्महत्या कर ली।

कहीं पर प्रेमी जोड़ा फांसी पर झूल रहे हैं। दोस्तों जब आप जीने की राह पुस्तक पढ़ोगे तो आप को ज्ञान होगा की मानव जीवन कितना अनमोल है इसे प्यार व्यार जैसे छोटे से दुखों में बर्बाद ना करके सत भक्ति करनी चाहिए।

दोस्तों इस संसार में पत्नी, माता - पिता कोई किसी का नही क्योंकि ये संसार नाशवान है हम किसको अपना माने इस संसार में पत्नी धोका दे जाती हैं प्यार भी किसी अन्य से शादी कर लेता है इससे अच्छा हमें परमात्मा से प्रेम करना चाहिए और पूर्ण गुरु से नाम दीक्षा लेकर भक्ति करनी चाहिए। क्योंकि परमात्मा कभी अपने भगत को धोका नही देते।

दोस्तो यदि आपको भी जीने की राह पुस्तक को पढ़ना हैं तो नीचे दिए लिंक से अभी डाउनलोड करें और अपने मोबाइल में पढ़े।