दोस्तों भारत देश में सती प्रथा, दहेज प्रथा, भ्रूण हत्या जैसी भयंकर बीमारियां काफी दिनो से भारतीय समाज में फैली हुई थी। सती प्रथा को तो राजा राम मोहन राय जैसे महापुरुषों ने संगर्ष खत्म करके खत्म कर दिया और लाखो बहनों को अग्नि में तड़फ कर मरने से बचा लिया।

लेकिन हमारे समाज में दहेज और भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाएं आज भी पैर पसारे हुए हैं दहेज जैसी भयंकर प्रथाओं ने तो आज भी शादीशुदा महिलाओं का जीना दुर्लभ है। शादी वास्तव में पति पत्नी बन कर एक दूसरे को अपने दुख सुखों को साजा करके प्रेम पूर्वक रहने के लिए शादी होती हैं लेकिन आज कल तो कुछ लोग शादी मात्र दहेज के लालच वश होकर ही की जाती हैं।


वास्तव में दहेज प्रथा और शादी में बड़ी बारात का आना बड़े बड़े राजाओं द्वारा शुरू किया गया था पहले के समय में जंगल अधिक होते थे इस कारण से शादी शुदा जोड़ो को सुरक्षित जंगली जानवरों से रक्षा के लिए बहुत सारे लोग हल्ला मचाते हुए आते क्योंकि जंगली जानवर शोर सुनकर भाग जाते थे। वर्तमान में यह परम्परा का और कुल मर्यादाओ का रूप ले गई अब न जंगल रहे और न जंगली जानवरों का भय कार जैसे वाहन से कुछ ही मिनटों में एक स्थान से दूसरे स्थान पर आसानी से जा सकते हैं। फिर भी लोग मूर्खता वश बड़ी बारात आती हैं।


दोस्तो वर्तमान में संत रामपाल जी महाराज एक मात्र ऐसे संत हैं जिनके करोड़ो अनुयाई ना दहेज लेते हैं और न ही देते हैं। संत रामपाल जी महाराज के आदेशानुसार भारत में (कश्मीर से कन्याकुमारी तक) और अन्य देशों में दहेज मुक्त रमेनी विवाह संत रामपाल जी महाराज के अनुयाई करते हैं इस विवाह में न दहेज लिया जाता और न ही दिया जाता हैं। न कोई बड़ी बारात, न चाक भात, न फेरे, न घुड़चड़ी, न घोड़े न कोई आडंभर मात्र 17 में असुर निकंदन रमेणी बजाकर दोनो को आजीवन एक सूत्र में बंध जाते हैं।


हैरान न होय सच्चाई है मात्र 17 मिनट में 17 मिनट में तो एक व्यक्ति 2 रोटी नही खाता इतनी देर में शादी हो जाती हैं। ऐसे हमारे गुरुदेव संत रामपाल जी महाराज का समाज सुधार हैं। प्रोफेसर हरार ने अपनी भविष्य वाणी में बताया है 2023 तक अच्छाई की जीत और बुराई की हार होगी और रामराज्य फिर से स्थापित होगा।