प्राचीन काल से भारत को विश्व गुरु कहा जाता रहा हैं क्योंकि भारत ही बड़े- बड़े ऋषि- मुनि साधु महात्माओं की भूमि रहा बड़े बड़े तपस्वियों का आगमन इसी देश में हुआ है। समय - समय पर अवतार भी भारत में ही जन्मे थे जिन्होंने रावण और कंस जैसे अधर्मियो को मारकर धर्म की स्थापना की जैसे:- श्री राम और श्री कृष्ण आदि, इसी कारण से भारत देश को प्राचीन समय से ही विश्व गुरु कहा जाता रहा।
विश्व गुरु पद से क्यों गिरा भारतवर्ष
क्योंकि कालांतर में भारत में अनेकानेक धर्म और मजहब बन गए अनेक- अनेक जातीय बन गए और अनेक रियासते बन गई और फिर भारत देश की जनता आपस में ही एक- दूसरे से लड़ते रहे और अंग्रेजो ने इसी बात का फायदा उठाया और "फूट डालो राज करो" नारा लगाकर देश को लुटा । यही कारण रहा कि भारत देश विश्व गुरु की पदवी से गिरा।
क्या दोस्तों वापस भारत को विश्व गुरु बनाया जा सकता हैं यदि कहा जाए तो हां भारत को दोबारा से विश्व गुरु बनाया जा सकता हैं लेकिन ऐसे करने के लिए हमें धर्म के नाम पर चल रही राजनीति से दूर हटकर हमें धर्म निति अपनानी पड़ेगी।
दोस्तों भारत एक धर्म निरपेक्ष देश रहा है इस देश में सभी धर्मो को मानने वाले लोग रहते हैं हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई जैन बौद्ध पारसी आदि धर्मो को मानने वाले लोग हमारे देश में रहते हैं।
धर्म निरपेक्षता क्या है?
दोस्तों भारत देश का संविधान कानून हमें धर्म निरपेक्षता सिखाता है इसका मतलब है कि भारत सरकार किसी धर्म या पंथ का पक्ष नहीं लेगी। प्रत्येक व्यक्ति अपनी इच्छनुसार मन चाहा धर्म अपना सकता हैं।
धर्म निरपेक्षता का अर्थ भारत सरकार का अपना कोई धर्म नहीं होगा या न अपना पंथ होगा।
यदि कोई किसी भी धर्म को नहीं मानेगा उसको भी समान अधिकार प्राप्त होंगे और भारत सरकार धर्म के नाम पर कोई भेदभाव नहीं करेंगी इसी को धर्म निरपेक्ष कहा जाता हैं।
क्या वास्तवमें भारत को वापस विश्व गुरु बनाया जा सकता हैं?
हांजी दोस्तो वास्तव में भारत को वापस से विश्व गुरु बनाया जा सकता हैं जैसे कहा जाता रहा है कि भारत में समय समय पर अवतार पैगम्बर और महापुरुष जन्मे हैं जैसे:- संत कबीर जी, रविदास जी, राजा राम मोहन राय जिन्होंने सती प्रथा को समाप्त करने के लिए कठोर कदम उठाए और सती प्रथा को जड़ से समाप्त करने के लिए संघर्ष किया और महात्मा गांधी जैसे महान सत्याग्रह आंदोलन चलाने वाले नेता जिन्होंने मानवता की खातिर और भारत देश को आजाद कराने के लिए बार बार जेल गए।
इसी प्रकार भारत देश को विश्वगुरु बनाने के लिए एक महापुरुष आज भी दिन-रात प्रयत्न शील हैं और दोस्त ये महापुरुष भारत से दहेज प्रथा को भी जड़ से समाप्त करने के लिए दिन रात प्रयत्न और संघर्ष कर रहे हैं।
दोस्तों ये महापुरुष कोई और नहीं बल्कि भारत देश में गांव - धनाना, जिला सोनीपत हरियाणा में जन्मे स्वयं कबीर परमेश्वर के अवतार संत रामपाल जी महाराज हैै।
हांजी दोस्तो यही वो महापुरुष हैं जो भारत देश को विश्वगुरु बनाने के लिए दूसरी बार जेल गए हैं और आज भी इनका संघर्ष जारी हैं।
दोस्तों आप सब से हाथ जोड़कर प्रार्थना हैं की आप भी संत रामपाल जी महाराज द्वारा लिखित पुस्तक जीने की राह जरूर पढ़ें और उसके सत्संग सतलोक आश्रम Youtube channel पर जरूर पढ़ें धन्यवाद्

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